चतुर चूहे और घमंडी बिल्ली की कहानी
एक समय की बात है, एक बड़े से घर में मिंकू नाम की एक बिल्ली रहती थी। वह बहुत ही घमंडी और अहंकारी थी। उसे लगता था कि वह सबसे चतुर है और कोई भी चूहा उससे बच नहीं सकता।
उसी घर में चिंकू, पिंकू और टिंकू नाम के तीन चूहे भी रहते थे। ये तीनों भाई बहुत ही समझदार और एक-दूसरे से प्रेम करने वाले थे। वे हमेशा मिलकर काम करते थे।
मिंकू बिल्ली रोज इन चूहों को पकड़ने की कोशिश करती थी। वह कहती थी, “मैं इतनी तेज़ और चालाक हूँ कि ये छोटे चूहे मुझसे कभी नहीं बच सकते।”
एक दिन तीनों चूहे भाई रसोई में खाना ढूंढ रहे थे। अचानक मिंकू बिल्ली वहाँ आ गई। उसने चिंकू को देखा और झपट्टा मारा। चिंकू तुरंत एक छोटे से छेद में छुप गया।
बिल्ली ने गुस्से में कहा, “तुम लोग कहीं भी छुप जाओ, मैं तुम्हें ज़रूर पकड़ूंगी। मैं यहीं बैठकर तुम्हारा इंतज़ार करूंगी।”
तीनों चूहे भाई अपने बिल में छुप गए और सोचने लगे कि अब क्या करें। चिंकू ने कहा, “हमें कुछ तो करना होगा। यह बिल्ली हमें परेशान कर रही है।”
पिंकू ने सुझाव दिया, “क्यों न हम मिलकर कोई योजना बनाएं? अकेले में हम कमज़ोर हैं, लेकिन साथ मिलकर हम मज़बूत हैं।”
टिंकू ने खुशी से कहा, “हाँ भाई, एकता में बल है। आओ मिलकर इस घमंडी बिल्ली को सबक सिखाते हैं।”
तीनों भाइयों ने मिलकर एक चतुर योजना बनाई। उन्होंने देखा कि रसोई में एक बड़ा सा आटे का डिब्बा रखा था। चिंकू ने कहा, “मैं बिल्ली का ध्यान भटकाऊंगा, तुम दोनों आटे के डिब्बे को धक्का देकर गिरा देना।”
योजना के अनुसार, चिंकू बाहर निकला और बिल्ली के सामने नाचने लगा। मिंकू बिल्ली उसे पकड़ने के लिए दौड़ी। उसी समय पिंकू और टिंकू ने मिलकर आटे के भारी डिब्बे को धक्का दिया।
धड़ाम! आटे का डिब्बा गिरा और सारा आटा बिल्ली के ऊपर बिखर गया। मिंकू बिल्ली सफ़ेद आटे से लिपट गई और उसे कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था।
वह इधर-उधर भागने लगी और “म्याऊं म्याऊं” करके चिल्लाने लगी। तीनों चूहे भाई हंसते हुए अपने बिल में वापस चले गए।
जब घर के मालिक ने यह हाल देखा तो वे बहुत गुस्सा हुए। उन्होंने मिंकू बिल्ली को डांटा और कहा, “तुमने रसोई में इतनी गंदगी क्यों मचाई?”
मिंकू बिल्ली को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसे समझ आ गया कि घमंड करना गलत बात है। उसने तीनों चूहे भाइयों से माफ़ी मांगी।
चिंकू ने कहा, “मिंकू, हमें खुशी है कि तुम्हें अपनी गलती का एहसास हो गया। आओ अब हम सब मिलकर रहते हैं।”
उस दिन के बाद से मिंकू बिल्ली और तीनों चूहे भाई मित्रता से रहने लगे। बिल्ली ने अपना घमंड छोड़ दिया और चूहों के साथ अच्छा व्यवहार करने लगी।
कहानी की सीख:
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि घमंड करना बुरी बात है। एकता में बहुत शक्ति होती है। जब हम मिलकर काम करते हैं तो कोई भी मुश्किल आसान हो जाती है। साथ ही, हमें दूसरों के साथ दयालुता और प्रेम से पेश आना चाहिए।











